| वैक्यूम ट्यूब (वाल्व) इलेक्ट्रॉनिक उपकरण | अर्धचालक (सेमीकंडक्टर) इलेक्ट्रॉनिक उपकरण |
| $(1)$ वैक्यूम ट्यूब से बने उपकरण आकार में बड़े और स्थिर होते हैं। | $(1)$ सेमीकंडक्टर से बने उपकरण आकार में छोटे और पोर्टेबल होते हैं। |
| $(2)$ इन उपकरणों को संचालित करने के लिए उच्च वोल्टेज (लगभग $90 \ V$ से $100 \ V$ या अधिक) की आवश्यकता होती है,जिससे ये अधिक बिजली की खपत करते हैं और महंगे होते हैं। | $(2)$ इन उपकरणों को संचालित करने के लिए कम वोल्टेज (लगभग $1.5 \ V$ से $9.0 \ V$) की आवश्यकता होती है,जिससे ये ऊर्जा-कुशल और सस्ते होते हैं। |
| $(3)$ इनमें कांच की ट्यूब का उपयोग होता है जो नाजुक होती है,जिससे इनके क्षतिग्रस्त होने की संभावना अधिक होती है और इनका जीवनकाल कम व विश्वसनीयता कम होती है। | $(3)$ ये सॉलिड-स्टेट उपकरण हैं,जिससे ये मजबूत,टिकाऊ और लंबे जीवनकाल वाले तथा अत्यधिक विश्वसनीय होते हैं। |
| $(4)$ इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने के लिए फिलामेंट को गर्म करना पड़ता है और इलेक्ट्रॉन प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग वोल्टेज की आवश्यकता होती है। | $(4)$ इनमें फिलामेंट गर्म करने की आवश्यकता नहीं होती; सामान्य तापमान पर ही आवेश वाहक उपलब्ध होते हैं और कम वोल्टेज द्वारा प्रवाह को नियंत्रित किया जा सकता है। |
| $(5)$ टेलीविजन और कंप्यूटर मॉनिटर के रूप में कैथोड-रे ट्यूब का उपयोग किया जाता था। | $(5)$ टेलीविजन और कंप्यूटर में लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले $(LCD)$ का उपयोग किया जाता है। |
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